कोरोना संक्रमण की इस महा जंग में इंदौर प्रशासन अपने हर संभव प्रयास करने की कोशिश कर रहा है और इसी कड़ी में एक और अच्छी पहल है “फीवर क्लिनिक” जो की सर्कार द्वारा इंदौर जिले और आसपास के गावों में भी शुरू किये गए हैं|
फीवर क्लिनिकों की स्थापना से ना केवल इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिली है, बल्कि इन क्लीनिकों के कारण कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों का पता लगाने में भी आसानी हुई है। इन क्लीनिकों में नि:शुल्क सर्दी, खांसी और बुखार वाले व्यक्तियों का पंजीयन कर आवश्यक उपचार के साथ जरूरत होने पर सैंपल भी लिए जाते है। गत दिवस संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से इंदौर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से रूबरू चर्चा कर कोरोना की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये| इंदौर संभाग के आठों जिलों में कुल 160 फीवर क्लीनिक बनाये गये हैं, जिनमें अब तक लगभग 29 हजार लोगों ने आकर चिकित्सकीय परामर्श लिया है और उपचार कराया है।
कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से खोले गए फीवर क्लिनिकों पर लोगों का विश्वास पहले से भी दृढ़ हुआ है। इस भरोसे का प्रमाण लगातार बढ़ती ओपीडी की संख्या है, जो 11 जून 2020 तक 22 हजार 962 हो गई है।
उल्लेखनीय है कि, कलेक्टर श्री मनीष सिंह के मार्गदर्शन में 25 मई 2020 से शुरू किए गए फीवर क्लीनिक में पहले दिन जहां 631 व्यक्ति ओपीडी में आए वहीं 11 जून को करीब 3 गुना, 1716 व्यक्तियों ने ओपीडी आकर चिकित्सकीय परामर्श लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार फीवर क्लीनिक आए मरीजों में से 30 डायबिटिक, 47 हाइपरटेंशन एवं 7 सीओपीडी के लक्षणों से संबंधित पाए गए। आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि फीवर क्लीनिक के माध्यम से चिकित्सा का जो वैकल्पिक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है वह कारगर साबित हो रहा है जिसका परिणाम एवं सफलता आज सभी के सामने है।
फीवर क्लिनिकों की स्थापना से ना केवल इलाज एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिली है, बल्कि इन क्लीनिकों के कारण कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों का पता लगाने में भी आसानी हुई है। उल्लेखनीय है कि 11 जून 2020 तक फीवर क्लीनिक आए व्यक्तियों में से 156 कोरोना संदिग्ध लोगों को अस्पताल रेफर किया जा चुका है। साथ ही 236 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया है। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत संदिग्धों की पहचान करना अति महत्वपूर्ण है, जिससे संक्रमण फैलने से रोका जा सकें। साथ ही उन क्षेत्रों के बारे में भी पता चल सकें जहां कोरोना संक्रमण है।
टीम @indorehd आशा करता है की प्रशासन की इस नई पहल से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इसका लाभ मिलेगा और कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में ये समस्त शहर वासियों के लिए मददगार साबित होगा
