कोरोनावायरस ने हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रखा है, चाहे वो बच्चे हो या बूढ़े, सब इसकी चपेट में आ चुके है। इस वायरस से बचने का सबसे बेहतर तरीका सोशल डिस्टेंसिंग माना जा रहा है। लेकिन हमेशा सोशल रहने वाले इंसानों के लिए लोगों से 6 फीट की दूरी बनाकर रखना मुश्किल हो रहा है। बड़ी उम्र के लोग भी इस परेशानी से अछूते नहीं हैं। बच्चों के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चुनौती बन रहा है क्योंकि उन्हें हर रोज़ समझाना और घर में रहने को कहना मुश्किल दायक हो रहा है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की हम सोशल डिस्टन्सिंग की आड़ में उन्हें ऐसी बातें सिखाए जो उनके व्यक्तित्व के लिए अच्छी ना हो। 

पांच सलाह जो आपके बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति गंभीर बना सकती हैं

Be Transparent

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट जैक्लीन स्पर्लिंग के मुताबिक, बच्चों के पास अपनी चमकदार कल्पनाएं होती हैं और उन्हें अंधेरे में रखने के कारण वे भयानक हालात के बारे में सोच लेंगे। ज्यादा विस्तार से बताना उनकी घबराहट को बढ़ा सकता है। सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, बच्चों को यह बताएं कि कोविड-19 नया वायरस है जो बहुत सारे लोगों को बीमार कर रहा है, लेकिन डॉक्टर्स मानते हैं कि ज्यादातर लोग ठीक हो जाएंगे। खासकर बच्चे।

Story Time

कहानियां बच्चों का ध्यान खींचती हैं और मुश्किल चीजों को भी आसानी से समझने में मदद करती हैं। आप संयुक्त राष्ट्र और दूसरी एजेंसियों की बनाई हुई फ्री चिल्ड्रन बुक डाउनलोड कर सकते हैं। इस बुक में सारा नाम की एक लड़की है, जो पंखों वाले जीव एरियो के साथ घूमकर दूसरे बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 के बारे में जानकारी देती है।

Make it Interesting

अगर बच्चों को यह मजेदार लगने लगेगा तो वे सोशल डिस्टेंसिंग करने लगेंगे। इसी सोच को लेकर एक ब्रिटिश साइकोलॉजी प्रोफेसर ने एक वीडियो गेम ‘केन यू सेव द वर्ल्ड?’ डिजाइन किया है। इस गेम में बच्चे को सड़कों पर लोगों से बचकर और मास्क कलेक्ट करते हुए भागना होता है।

Get Creative

सीडीसी दो साल से ऊपर के बच्चों को पब्लिक प्लेस में मास्क पहनने की सलाह देती है, लेकिन उनके चेहरे पर मास्क बनाए रखना भी चुनौती है। अच्छे दिखने वाले मास्क खरीदें या यूट्यूब से देखकर तैयार कर लें।

Motivate, Don’t bribe

बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए इनाम देने की बहस अंतहीन है। सीडीसी भी अच्छे व्यवहार पर इनाम देने की बात करती है। पैरेंटिंग कॉलमनिस्ट और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक, छोटे बच्चों को थोड़े पैसे देना मददगार हो सकता है। अगर आप कोशिश से पहले ही इनाम दे देंगे तो यह रिश्वत होगी, लेकिन बाद में यह मजबूती बढ़ाएगी।

Create Simpler Rules

किसी को भी धमकियां नहीं पसंद होती हैं। चाइल्ड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, धमकियां मोटिवेशन को नुकसान पहुंचाती हैं, साथ ही पैरेंट्स और बच्चों के रिश्ते को कमजोर करती हैं। इसके बाद भी आप नियम न माने जाने पर इनकी मदद ले सकते हैं। साइकोलॉजिस्ट के अनुसार, बच्चों को पहले ही नतीजों के बारे में बता दें।

Explain the whats and whys

बच्चों के लिए अपनी ही फ्रस्ट्रेशन से घिर जाना आसान है। अपनी परेशानियों से उनके फोकस को दूसरों की जरूरतों पर शिफ्ट करें। साइकोलॉजिस्ट पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ सहानुभूति और उनकी चिंता का दायरा बढ़ाने की सलाह देते हैं। बच्चों को यह बताएं कि दोस्तों से दूरी रखना एक एहसान है। जिसके जरिए आप उन्हें और उनके परिवार को स्वस्थ्य रख सकेंगे। 

(This story was originally published in Dainik Bhaskar)
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