नमस्ते का चलन कुछ महीने पहले भारत आये अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनऔषधि दिवस पर देशवासियों से अनुरोध किया कि पीछे लौट जाइए, कोरोनावायरस को भगाना है तो ‘हाथ मत मिलाइए, नमस्ते को अपनाइए.’ पीएम की यह अपील पूरी दुनिया के नेताओं ने सुन ली है और अपने आगे ग्रीटिंग्स के लिए बढ़े हाथ को नज़रअंदाज कर दोनों हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर नमस्ते ट्रेंड करने लगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन आए आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर से न तो हाथ मिलाया और न ही गले मिले बल्कि उन्होंने बड़े ही आदर के साथ ‘नमस्ते’ किया।
कैसे वाशिंगटन से लेकर फ्रांस तक पहुंचा नमस्ते

कुछ महीने पहले की ही बात है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आए थे तो भारत ने उनके स्वागत में नमस्ते ट्रंप ही कहा था। नमस्ते सिर्फ ताजा-ताजा भारत से गए डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं कर रहे हैं बल्कि कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए पूरी दुनिया नमस्ते कर रही है।
भारत का नमस्ते सिर्फ यही नहीं रुका बल्कि यह ब्रिटेन में भी लोगों को कोरोनावायरस से बचाने की मुहिम में जुटा है। ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स जब अपने मेहमानों का स्वागत करने पहुंचे तो उन्होंने भी अपनी पारंपरिक स्वागत किए जाने और गले मिलने की परंपरा को दरकिनार करते हुए उन्होंने अपने दोनों हाथ जोड़ दिए. 11 मार्च को लंदन के पालाडियम में प्रिंस चार्ल्स जब नमस्ते करते देखे गए तो वह वीडियो काफी वायरल हुआ। प्रिंस ऑफ वाल्स ने अपने सामने आए मेहमान के स्वागत में हाथ आगे बढ़ाया और अचानक उन्होंने दूसरा हाथ आगे बढ़ा कर नमस्ते कर दिया।
पिछले दिनों फ्रांस के राष्ट्रपति इमेन्युअल मैक्रोन ने भी स्पेन के राजा और रानी को नमस्ते किया. उन्होंने अपने पारंपरिक हाथ मिलाने के परंपरा को भारतीय पारंपरिक परंपरा से बदलते हुए नमस्ते को अपनाया।
बता दें कि यूरोपीय स्वास्थ्य ऑथरिटी ने भी लोगों से हाथ मिलाने, गले मिलने से मना किया है. ऑथरिटी ने बयान में कहा है कि वायरस त्वचा के संपर्क में आने से फैलता है इसलिए दूरी बनाए रखें।
अब तक 120 देश चीन के वुहान से निकले कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को वैश्विक महामारी होने का एलान कर दिया है. चीन में जहां अभी तक इससे हज़ारों की संख्या में लोगों के मारे जाने की खबर है वहीं कई ज्यादा लोग इससे संक्रमित हुए हैं वही दुनिया में इससे संक्रमित होने वालों की संख्या सवा लाख से अधिक पहुंच चुकी है। कोई ऐसा बड़ा देश नहीं है जो कोरोनावायरस की चपेट में नहीं आया है.
कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने देशवासियों को प्रेस कांफ्रेंस कर भारतीय पारंपरिक सत्कार के तरीके को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि कोरोनावायरस को फैलने से बचाने के लिए एक दूस नेतन्याहू के नमस्ते किए जा रही इस फोटो को इंडिया इन इजरायल ने ट्वीट किया है. जिसे अभी तक 11 हजार से अधिक लोग रीट्वीट कर चुके हैं जबकि 43.5 हजार लोगों ने लाइक किया है।
भारतीय celebrities ने भी किया नमस्ते

भारतीय सेलिब्रिटीज ने भी नमस्ते का प्रवर्तन किया है। यूनीसेफ की वर्ल्ड वाइड एंबेसडर प्रियंका चोपड़ा ने कोरोनावायरस के विश्वभर में बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नमस्ते करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह लोगों के सत्कार का पुराना तरीका है लेकिन यह समय विश्व के बदलाव का है नमस्ते करें स्वस्थ रहें।
वहीं सलमान खान ने भी अपने फैन्स और देशवासियों से सोशल मीडिया पर लोगों से अपनी परंपरा में वापस मुड़ने की गुजारिश की है और नमस्ते करने की अपील की है वहीं अनुपम खेर ने भी संक्रमण से बचने के लिए नमस्ते को अपनाने की सलाह देते हुए कहा है कि अगर वायरस के संक्रमण से बचना है तो नमस्ते अपनाए यह हाइजेनिक, फ्रेंडली और एनर्जी का केंद्र भी है।
एम्स के डॉक्टर ने शुरुआत की थी सबसे पहले अभियान की
एम्स के डॉक्टर विजय गुज्जर ने पिछले वर्ष नवंबर अंत में ही संक्रमण के देश में बढ़ते मामले को देखते हुए नमस्ते अभियान चलाया था । डॉक्टर गुज्जर बताते हैं उन्होंने तब ‘‘नो टच पॉलिसी, दूर से नमस्ते जी बोलें..मुस्कुराहट फैलाएं इंफेक्शन नहीं कहा था. उसके बाद दुनियाभर में कोरोनाप्रकोप फैलता गया और आज नमस्ते ही नमस्ते है।
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