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    इंडिया ग्लोबल वीक 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहीं अहम बातें|जाने आने वाले समय में क्या बदलेगा?

    ब्रिटेन में 9 जुलाई  से इंडिया ग्लोबल वीक 2020 शुरू हुआ जिसका इनॉग्रेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो लिंक के ज़रिये  किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारत के इतिहास पर बात करते हुए बताया की किस तरह से भारत हर चुनौती से जीतता आया है। और पूरी तरह उसका सामना करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर लगाते हुए कहा की कैसे भारत  कोरोना से जंग लड़ रहा है  तो दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था को भी संभालने में भी कामयाब रहा है। प्रधानमंत्री के भाषण में से कुछ बातें जिन का विशेष जिक्र किया गया है :-    

    1. भारत को टैलेंट का पावरहाउस बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा की भारत दुनिया के विकास और भलाई में योगदान देता आया है और देना चाहता है। भारत देश आगे बढ़ना चाहता है और भारतीय नैचुरल रिफॉर्मर हैं। वे चुनौती का मुकाबला करते हैं फिर चाहे वो सोशल हो या इकोनॉमिक। हालाँकि भारतीय महामारी के खिलाफ पूरी ताकत से जंग लड़ रहे हैं लेकिन वे ये भी चाहते हैं कि विकास और पर्यावरण की रक्षा एकसाथ हो।

    2. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा की कैसे भारत में धरती को माता कहा जाता है और हम भारतीय उसके बच्चे हैं। भारतीय ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर काम कर रहे हैं। इससे जुड़े हर तरह के सुधार किए हैं और इन्हें आगे बढ़ा रहे हैं। महामारी के दौर में भारत ने लोगों को सुविधाएं दीं और रिलीफ पैकेज जारी किया। भारत चाहता है की  एक-एक पैसा जरूरतमंद तक पहुंचे। टेक्नोलॉजी के जरिए ये संभव भी हुआ। इसी के अंतर्गत लाखों लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं जिससे  ग्रामीण क्षेत्रों को मदद मिलेगी।

    3. ग्लोबल कंपनियों से अपील करते हुए मोदी ने कहा वो भारत में निवेश के लिए आगे आएं। यहां प्रतिभा और अवसरों का खजाना है। एग्रीकल्चर सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की काफी संभावनाएं हैं। एमएसएमई में संभावनाएं हैं। डिफेंस और स्पेस सेक्टर में भी रिफॉर्म किए हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। टेक्नोलॉजी के मामले में भारत बेहद ताकतवर है।

    4. मोदी ने फार्मा सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा  की महामारी से सामने आया कि भारत का फार्मा सेक्टर कितना बेहतर प्रदर्शन कर सकता है और कैसे भारत सस्ती और क्वॉलिटी की दवाएं बना सकता है।  वैक्सीन के मामले में भी यही होगा। इस मामले में भारत  योगदान देने को तैयार हैं। इससे विकासशील देशों को मदद मिलेगी। आत्मनिर्भर भारत से सिर्फ घरेलू लोगों को नहीं बल्कि दुनिया को भी मदद मिलेगी। महामारी के दौर में भारत के अभिवादन के तरीके नमस्ते को ग्लोबल तौर पर स्वीकार किया गया। महामारी ने इसका महत्व बताया। भारत दुनिया में विकास और समृद्धि के मापदंड तय कर रहा है।  

    आपको बता दें की यह समिट 3  दिन तक चला जिसे  वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर ऑर्गनाइज किया गया। मोदी के साथ साथ उनके मंत्री जैसे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रेलवे एंड कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल, सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी, आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद और स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर महेंद्र नाथ पांडेय ने भी इस समिट में हिस्सा लिया। इसी के साथ साथ ब्रिटिश रॉयल फैमिली के प्रिंस चार्ल्स भी इस समिट में शामिल हुए । 

    ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन और इसकी ट्रेड यूनिट से बाहर हो चुका है। यहां के ट्रेड मिनिस्टर पहले ही कह चुके हैं कि भारत के अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और जापान से जिस तरह के ट्रेड रिलेशन हैं, ब्रिटेन भी इसी तरह के रिश्ते चाहता है। 

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